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Saturday, June 13, 2020

भरतपुर जिला सामान्य ज्ञान / राजस्थान gk अध्ययन नोट्स ओर संपूर्ण जिला दर्शन

                    भरतपुर जिला दर्शन

भरतपुर जिला सामान्य ज्ञान

भरतपुर जिला

उपनाम - पूर्वी प्रवेश द्वार 

1733 ई में महाराजा सूरजमल ने दशरथ के पुत्र भरत के नाम पर भरतपुर नगर बसाया। 
18 मार्च 1948 को भरतपुर मत्स्य संघ में शामिल हो गया।भरतपुर जिले में मेवाती व ब्रज भाषा बोली जाती है।

भरतपुर जिला NCR  में शामिल होने वाला राज्य का दूसरा जिला बना। 

4 जून 2005 को भरतपुर जिला राज्य का सातवां संभाग बना इसमें भरतपुर, धौलपुर, करोली, सवाई माधोपुर जिले शामिल है।

लोहागढ़ किला

इस दुर्ग का निर्माण महाराजा सूरजमल ने कराया था। यह दुर्ग पारिख श्रेणी में आता है। इस दुर्ग के चारो ओर 100 फीट चौड़ी ओर 60 फीट गहरी खाई है ओर चारो और मिट्टी की दीवारें है। यह एक अजेय दुर्ग है। 1805 ई में लार्ड रीपन ने इस दुर्ग पर चार बार आक्रमण किया ओर हर बार हार के वापस जाना पड़ा। लोहागढ़ दुर्ग के प्रवेश द्वार पर अष्ट धातु के दरवाजे है इसे महाराजा जवाहर सिंह ने दिल्ली अभियान के तहत लालकिले के दरवाजे उखाड़ कर ले आए थे।

केवलादेव घना पक्षी विहार

इसका पूर्व में नाम भरतपुर पक्षी विहार था। इसे पक्षियों के स्वर्ग के नाम से जाना जाता है।
इसे 1964 में अभ्यारण्य , 1982 में राष्ट्रीय उद्यान तथा 1985 में यूनेस्को द्वारा एक विश्व धरोहर स्थल के रूप में चुना गया।
इस अभ्यारण्य में विदेशी पक्षियों में साइबेरियन सारस प्रमुख है इसके अलावा यहां पर 350 से ज्यादा प्रजाति के पक्षी पाए जाते है।

बयाना

बयाना का प्राचीन नाम श्री पंत है
इसे शोणितपुर भी कहा गया है। बयाना की ख्याति इसके पास स्थित अगणित कब्रगाहों के कारण भी है।

बयाना का किला

इसका निर्माण 1040 ई में महाराजा विजयपाल ने करवाया था। इसलिए इसका नाम विजयगढ़ भी है।

भीमलाट यज्ञ स्तम्भ

इस स्तम्भ का निर्माण विष्णुवर्धन में करवाया था। यह बयाना किले के अंदर स्थित है।

डीग के जल महल

डीग भरतपुर के रियासतों की प्राचीन राजधानी थी।
डीग के जल महल राजस्थान के सर्वश्रेष्ठ जल महल है। इसका निर्माण महाराजा सूरजमल द्वारा किया गया है। यह जल महल दो तालाबों के मध्य स्थित है।

जसवंतसिंह पशु मेला

जसवंतसिंह पशु मेला भरतपुर में महाराजा जसवंतसिंह की याद में आयोजित किया जाता है। इस मेले में हरियाणवी बेलों का क्रय विक्रय किया जाता है।

खानवा का युद्ध

बाबर व राणा सांगा के बीच सन् 1527 ई में भरतपुर की रूपवास तहसील में हुआ था।

फुलवारी उद्यान 

इसका निर्माण महाराजा सूरजमल ने करवाया था

जामा मस्जिद 

यह मस्जिद महाराजा बलवंत सिंह द्वारा निर्मित है यह कोमी एकता का प्रतीक है।


                   महत्वपूर्ण तथ्य 


केंद्रीय सरसो अनुसंधान केंद्र - सेवर भरतपुर

जैव उर्वरक का प्रथम कारखाना - भरतपुर

बम नृत्य - भरतपुर

सर्वाधिक सांसी जनजाति - भरतपुर

मोती झील बांध 

इसे भरतपुर की लाइफलाइन कहा जाता है।

अज़ान बांध - भरतपुर

सीकरी बांध - 

इस बांध का निर्माण रूपारेल नदी की बाढ का पानी रोकने के लिए बनाया गया।









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