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Tuesday, May 12, 2020

राजसमंद जिला सामान्य ज्ञान

           राजसमंद जिला सामान्य ज्ञान


              राजसमंद जिला सामान्य ज्ञान हिंदी
  • राजसमंद जिले का नाम राजसमंद झील के नाम पर रखा गया, राजसमंद की स्थापना महाराणा राजसिंह ने की थी
  • राजसमंद अलग से जिला 10 अप्रैल 1991 को उदयपुर जिले से अलग होने पर बना।
  • राजसमंद झील - राजसमंद झील की स्थापना महाराणा राजसिंह ने 1662 - 1676 ई में गोमती नदी का पानी रोककर की थी इसी झील के नाम से राजसमंद जिले का नाम है , इस झील की लंबाई 7 km है, इसके किनारे पर नौ चौकी स्थान है 
  • राज प्रशस्ति - राजसमंद झील के किनारे पर यह प्रशस्ति स्थित है यह विश्व की सबसे बड़ी प्रशस्ति है,  यह प्रशस्ति 25 शिलालेख पर संस्कृत भाषा में लिखी हुई है इस प्रशस्ति को रणछोड़भट्ट तेलंग ने लिखा था
  • घेवर माता का मंदिर - राजसमंद झील के किनारे पर स्थित मंदिर है
  • नंदसमंद झील - यह राजसमंद जिले की जीवन - रेखा मानी जाती है
  • राजसमंद जिले में पथरीली भूमि होने के कारण यह राजस्थान की सबसे ज्यादा व्यर्थ भूमि है
  • राजस्थान में प्रतिशत के आधार पर सड़को का सबसे ज्यादा घनत्व राजसमंद जिले में है
  • हल्दीघाटी - यह स्थान राजस्थान में एक ऐतिहासिक महत्व रखता है, हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप ओर अकबर की सेना के बीच में 1576 में युद्ध हुआ था
  • हल्दीघाटी के युद्ध को कर्नल जेम्स टॉड ने "मेवाड़ की थर्मापोली" कहा है, यहां पर हकीम खां सुरी, झाला बीदा , मान की छतरीया स्थित है, यहां महाराणा प्रताप का मेला लगता है
  • चेतक की समाधि - बलिचा गांव, यहां महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक का स्मारक है ,हल्दीघाटी में चेतक अश्व मेले का आयोजन होता है
  • रक्ततलाई - हल्दीघाटी के स्थित यह स्थान बनास नदी का पथरीला अपवाह क्षेत्र है
  • चेती गुलाब - इसकी खेती हल्दीघाटी राजसमंद में होती है
  • गुलकंद - हल्दीघाटी का गुलकंद प्रसिद्ध है
  • कुंभलगढ़ दुर्ग - यह दुर्ग अरावली पहाड़ियों से गिरा हुआ जरगा की पहाड़ी पर स्थित है यह एक गिरी दुर्ग है, इसका निर्माण महाराणा कुम्भा ने 1448 -1458 ई में किया था।
  • कटारगढ़ - कुम्भलगढ़ दुर्ग के अंदर एक लघु दुर्ग स्थित है जिसे कटारगढ़ कहते है,यह महाराणा कुम्भा का निवास स्थान था, इसी में झाली रानी का मालिया स्थित है
  • कुंभलगढ़ दुर्ग की तहलटी में राणा रायमल के पुत्र कुंवर पृथ्वीराज की छतरी स्थित है जिसे उड़ना राजकुमार भी कहा जाता था। 
  • इस दुर्ग के बारे में अबुल फजल ने कहा ' यह दुर्ग इतनी बुलंदी पर बना हुआ है कि नीचे से उपर देखने पर सर की पगड़ी गिर जाती है '
  • इस दुर्ग के चारो ओर एक दीवार बनी हुईं है जिसकी लंबाई 36 km है, यह दीवार चीन की दीवार के बाद विश्व की दूसरी सबसे बड़ी दीवार है
  • श्री नाथ जी का मंदिर - यह मंदिर नाथद्वारा में स्थित है, इस मंदिर का निर्माण 1671-72 में महाराणा राजसिंह ने किया था यह वल्लभ सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ है
  • पिछवाई कला - कपड़े पर भगवान श्री कृष्ण की जीवन चित्रण को उखेरना पिछवाई कला कहलाती है, यह नाथद्वारा की प्रसिद्ध है
  • बनास नदी - इसका उदगम स्थल खमनौर की पहाड़ियां है, इसे वन की आशा भी कहते है
  • कोठारी नदी - यह दिवेर की पहाड़ियों से निकलती है, कोठारी नदी पर भीलवाड़ा में मेजा बांध बना हुआ है
  • खारी नदी - बीजराल की पहाड़ियां से इसका उदगम होता है 

                    महत्वपूर्ण तथ्य

  1.  ताम्रकालीन सभ्यता - गिलुंड राजसमंद
  2. तार कशी के जेवर - नाथद्वारा
  3. अन्नकूट महोत्सव - नाथद्वारा
  4. गुलाबी गनगोर - नाथद्वारा
  5. आमज़ माता - रिछेड़ गांव राजसमंद
  6. जेके टायर ट्यूब कारखाना - कांकरोली
  7. मोटर ड्राइवर्स ट्रेनिग एंड इंस्टीट्यूट - राजसमंद
  8. द्वारकाधीश का मंदिर - कांकरोली राजसमंद झील के किनारे पर स्थित यह महल महाराणा राजसिंह ने 1672 ई में बनाया था
  9. कूंतेश्वर महादेव का मंदिर - फ़रारा गांव  राजसमंद, यह एक महाभारतकालीन मंदिर है
  10. चारभुजानाथ का मंदिर - गड़बोर राजसमंद, महाराणा मोकल ने इस मंदिर का निर्माण कराया था यहां पर चारभुजानाथ का प्रसिद्ध मेला लगता है
  11. पीपलाद माता का मंदिर - उन्नवास गांव
  12. चेती गुलाब की खेती - हल्दीघाटी राजसमंद
  13. गुलकंद - हल्दीघाटी राजसमंद
  14. मृण्मूर्ति कला / टेरीकोटा पद्धति - मोलेला राजसमंद





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